चमोली। भू-बैकुण्ठ धाम बद्रीनाथ की यात्रा भगवान बद्रीविशाल के दर्शन के साथ-साथ मानवता, सेवा और संस्कारों की भी एक जीवंत अनुभूति कराती है।
आज जहाँ एक ओर हजारों श्रद्धालु भगवान के दर्शन के लिए लम्बी कतार में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे, उसी भीड़ में एक महिला श्रद्धालु भी शांत भाव से अपनी बारी का इंतजार कर रही थीं। तभी अचानक उनकी नजर जमीन पर पड़े एक पर्स पर पड़ी। उन्होंने उसे उठाया और चारों ओर देखा, लेकिन भीड़ में पर्स के असली मालिक का पता लगाना नामुमकिन था।
महिला श्रद्धालु ने पूरी ईमानदारी दिखाते हुए पर्स को सुरक्षित रखा और भगवान बद्रीविशाल के दर्शन करने के उपरांत, उसे तुरंत पुलिस कंट्रोल रूम में तैनात कर्मियों को सौंप दिया। पुलिस कर्मियों ने भी अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए पर्स की वास्तविक मालकिन को खोज निकाला। जैसे ही दोनों श्रद्धालु एक-दूसरे से मिले और महिला को उसका खोया हुआ पर्स व सामान वापस मिला, तो खुशी और भावुकता से उनकी आँखें छलक उठीं।
भगवान बद्री विशाल की पावन छाया में घटी इस घटना ने यह सिद्ध कर दिया कि तीर्थों की महिमा केवल दर्शन में नहीं, बल्कि मानवता के पालन में भी है। महिला श्रद्धालु की सादगी, ईमानदारी और निस्वार्थ भाव ने न केवल एक अनजान श्रद्धालु की चिंता को दूर किया, बल्कि बद्रीनाथ धाम की पवित्र मर्यादा और विश्वास को भी बनाए रखा।
