पोखरी (चमोली)। विकासखंड पोखरी के अंतर्गत प्रस्तावित चोपड़ा-नालडुगा मोटर मार्ग के वर्तमान संरेखण (अलाइनमेंट) को लेकर स्थानीय ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। सोमवार को चोपड़ा गांव की महिलाओं ने लोक निर्माण विभाग कार्यालय, पोखरी पहुंचकर अधिकारियों के समक्ष अपना विरोध दर्ज कराया और सड़क के संरेखण में बदलाव की मांग उठाई।
ग्रामीणों का कहना है कि प्रस्तावित सड़क का वर्तमान संरेखण कई काश्तकारों की उपजाऊ एवं सिंचित कृषि भूमि, चरागाहों तथा वन क्षेत्र से होकर गुजर रहा है, जिससे लोगों की आजीविका पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है। महिलाओं ने कहा कि कृषि भूमि प्रभावित होने से किसानों को भारी नुकसान होगा, जबकि चरागाह क्षेत्र नष्ट होने से पशुपालकों के समक्ष भी संकट खड़ा हो जाएगा।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि जिन किसानों की भूमि इस सड़क निर्माण से प्रभावित हो रही है, उनमें से कई लोगों से न तो कोई राय ली गई और न ही किसी प्रकार की पूर्व वार्ता की गई। ग्रामीणों के अनुसार उन्हें तब जानकारी मिली जब उनके खेतों में सड़क निर्माण के लिए पिलर लगाए जाने लगे। इसे प्रभावित काश्तकारों के साथ अन्याय बताते हुए उन्होंने सरकार और विभाग से पुनर्विचार की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि यह केवल वर्तमान पीढ़ी का नहीं बल्कि आने वाली पीढ़ियों के भविष्य का भी प्रश्न है। यदि कृषि भूमि समाप्त होती है तो उनके बच्चों के सामने आजीविका का संकट उत्पन्न हो सकता है।
महिलाओं और ग्रामीणों ने लोक निर्माण विभाग से जनहित को ध्यान में रखते हुए पुनः स्थलीय निरीक्षण कर सड़क के संरेखण में आवश्यक संशोधन करने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो क्षेत्र की जनता व्यापक जनआंदोलन के लिए विवश होगी।
ग्रामीणों ने कहा कि विकास कार्यों का स्वागत है, लेकिन विकास ऐसा होना चाहिए जिससे आम जनता, किसानों और पशुपालकों के हित सुरक्षित रह सकें।
