चमोली। थानाध्यक्ष नवनीत भंडारी ने टेबल टेनिस की तकनीकों के जरिए बच्चों को समझाए अनुशासन, आत्मसंयम और साइबर सुरक्षा के गुर।
जनपद में संचालित जागरूकता अभियान के तहत आज गोपेश्वर पुलिस द्वारा स्पोर्ट्स स्टेडियम में आयोजित जनपद स्तरीय टेबल टेनिस प्रतियोगिता के दौरान छात्र-छात्राओं को नशे के दुष्प्रभावों एवं साइबर अपराधों के प्रति जागरूक किया गया। इस दौरान थानाध्यक्ष गोपेश्वर नवनीत भंडारी ने बच्चों से उनके पसंदीदा खेल टेबल टेनिस की भाषा में संवाद करते हुए उन्हें जीवन के महत्वपूर्ण सबक समझाए।
थानाध्यक्ष नवनीत भंडारी ने बच्चों को बताया कि टेबल टेनिस केवल एक खेल नहीं, बल्कि तेज प्रतिक्रिया, एकाग्रता, सही समय पर सही निर्णय लेने और शरीर व दिमाग के बेहतर तालमेल की कला है। जिस तरह एक बेहतरीन रैली जीतने के लिए खिलाड़ी को हर शॉट पर सतर्क रहना पड़ता है, उसी तरह जीवन में भी सही निर्णय और आत्मअनुशासन बेहद जरूरी हैं।
नशे को बताया जीवन की प्रगति रोकने वाला खतरनाक बैकस्पिन
बच्चों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करते हुए थानाध्यक्ष ने टेबल टेनिस की तकनीक का उदाहरण दिया। उन्होंने समझाया कि जिस तरह टॉपस्पिन गेंद को गति देकर आगे बढ़ाता है, उसी तरह अनुशासन, मेहनत और सकारात्मक सोच व्यक्ति को अपने लक्ष्य की ओर ले जाते हैं। इसके विपरीत नशा एक खतरनाक बैकस्पिन की तरह है, जो व्यक्ति की प्रगति को पीछे खींच सकता है।
उन्होंने कहा कि तंबाकू, सिगरेट और अन्य नशीले पदार्थ न केवल स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाते हैं, बल्कि एकाग्रता, खेल प्रदर्शन और भविष्य के लक्ष्यों पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालते हैं। यदि कोई मित्र या अन्य व्यक्ति नशे के लिए प्रेरित करे, तो खिलाड़ी की तरह दृढ़ता दिखाते हुए स्पष्ट रूप से ‘ना’ कहना सीखें। असली ताकत किसी गलत आदत को अपनाने में नहीं, बल्कि उससे दूर रहने के संकल्प में है।
साइबर दुनिया में भी जरूरी है सही शॉट और सही रणनीति
साइबर सुरक्षा के संबंध में बच्चों को बताया गया कि इंटरनेट ज्ञान और अवसरों का बड़ा माध्यम है, लेकिन लापरवाही बरतने पर यह साइबर ठगी और ऑनलाइन शोषण का कारण भी बन सकता है। उन्होंने बच्चों को अनजान लिंक पर क्लिक न करने, मुफ्त गेमिंग कॉइन्स, लॉटरी और आकर्षक ऑफर्स के लालच में न आने तथा किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ अपना पासवर्ड, निजी जानकारी, घर का पता या व्यक्तिगत तस्वीरें साझा न करने की सलाह दी।
उन्होंने समझाया कि जिस तरह टेबल टेनिस में खिलाड़ी विरोधी की रणनीति को समझकर अपना बचाव करता है, उसी तरह इंटरनेट पर भी सतर्क रहकर संभावित खतरों से बचा जा सकता है। सोशल मीडिया या ऑनलाइन गेमिंग के दौरान यदि कोई व्यक्ति परेशान करे, धमकाए या ब्लैकमेल करने का प्रयास करे, तो डरने या बात छिपाने के बजाय तुरंत अपने माता-पिता, शिक्षकों अथवा पुलिस को इसकी जानकारी दें।
गलती होने पर घबराएं नहीं, समय रहते सही कदम उठाएं
बच्चों का उत्साहवर्धन करते हुए थानाध्यक्ष ने कहा कि टेबल टेनिस में गलती होने पर खिलाड़ी अगली सर्विस के साथ बेहतर वापसी का प्रयास करता है। इसी तरह जीवन में भी गलतियों से सीखकर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि, नशे और साइबर अपराध जैसे खतरों के प्रति शुरुआत से ही सजग रहना आवश्यक है।
गोपेश्वर पुलिस का यह प्रयास बच्चों को खेल के माध्यम से जीवनोपयोगी संदेश देने और उन्हें नशामुक्त, अनुशासित तथा साइबर जागरूक नागरिक बनने के लिए प्रेरित करने की दिशा में महत्वपूर्ण रहा। पुलिस ने बच्चों से अपील की कि वे स्वयं जागरूक बनें और अपने परिवार एवं मित्रों को भी नशे से दूर रहने तथा इंटरनेट का सुरक्षित उपयोग करने के लिए प्रेरित करें।
इस दौरान जिला टेबल टेनिस फेडरेशन प्रतियोगिता स्पोर्ट्स स्टेडियम गोपेश्वर अध्यक्ष हरेंद्र सिंह नेगी, सचिव आनंद सिंह बिष्ट, उपाध्यक्ष संतोष सती वरिष्ठ उपाध्यक्ष प्रकाश सती ,अजय लिंगवाल , कोषाध्यक्ष लता झिंक्वाण , अंकुर डिमरी , कोच दिव्या कैलखुरा , हेमा नयाल, जयदीप झिंक्वाण मौजूद रहे।
