चमोली। चिपको आंदोलन के प्रणेता, पद्म भूषण एवं प्रख्यात गांधीवादी पर्यावरणविद् चंडी प्रसाद भट्ट से एसपी चमोली की आत्मीय शिष्टाचार भेंट, पर्यावरण संरक्षण, आपदा प्रबंधन एवं जनसहभागिता को लेकर हुई सार्थक चर्चा
प्रख्यात गांधीवादी पर्यावरणविद्, चिपको आंदोलन के प्रणेता एवं पद्म भूषण से सम्मानित श्री चंडी प्रसाद भट्ट से आज पुलिस अधीक्षक चमोली सुरजीत सिंह पँवार ने शिष्टाचार भेंट कर उनका आशीर्वाद एवं मार्गदर्शन प्राप्त किया।
इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक ने भेंट के दौरान श्री चंडी प्रसाद भट्ट को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया तथा पंचकेदारों का आकर्षक चित्र भेंट किया। वहीं श्री भट्ट ने अपनी चर्चित पुस्तक “पर्वत-पर्वत, बस्ती-बस्ती” पुलिस अधीक्षक को भेंट स्वरूप प्रदान करते हुए अपने जीवन के अनुभव एवं संघर्षों को साझा किया।
भेंटवार्ता के दौरान श्री भट्ट ने पर्यावरण संरक्षण, जनसहभागिता एवं हिमालयी क्षेत्रों के सतत विकास पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने चमोली पुलिस के साथ पूर्व में संचालित पर्यावरण संरक्षण एवं जनजागरूकता अभियानों की स्मृतियों को साझा किया। साथ ही प्राकृतिक आपदाओं की रोकथाम, आपदा प्रबंधन तथा प्रशासन एवं पुलिस के साथ मिलकर किए गए विभिन्न जनहितकारी कार्यों का भी उल्लेख किया।
पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पँवार ने श्री चंडी प्रसाद भट्ट के पर्यावरण संरक्षण एवं समाज सेवा के क्षेत्र में दिए गए अतुलनीय योगदान की सराहना करते हुए कहा कि उनका जीवन प्रकृति संरक्षण, सामाजिक उत्तरदायित्व और जनसेवा का प्रेरणास्रोत है। उन्होंने कहा कि चमोली पुलिस भी पर्यावरण संरक्षण, आपदा प्रबंधन एवं जनजागरूकता के क्षेत्र में समाज के साथ मिलकर निरंतर कार्य करती रहेगी।
उल्लेखनीय है कि वर्ष 1973 में प्रारंभ हुए ऐतिहासिक चिपको आंदोलन के प्रमुख प्रणेता श्री चंडी प्रसाद भट्ट को पर्यावरण संरक्षण एवं समाज सेवा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए रमन मैग्सेसे पुरस्कार, पद्म श्री, पद्म भूषण तथा गांधी शांति पुरस्कार सहित अनेक राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय सम्मानों से सम्मानित किया जा चुका है।
इस अवसर पर गोपीनाथ–रुद्रनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष/ जिला शासकीय अधिवक्ता (सिविल) मनोज भट्ट भी उपस्थित रहे।
