चमोली। नीति  एक्सट्रीम अल्ट्रा रन-2026 की तैयारियों में जुटी चमोली पुलिस जहां एक ओर दुर्गम सीमांत क्षेत्र में व्यवस्थाओं का जायजा ले रही है, वहीं दूसरी ओर ग्रामीणों को साइबर अपराधों के खिलाफ जागरूक कर सुरक्षा का मजबूत संदेश भी दे रही है।

इसी क्रम में आज नीति घाटी में आयोजित होने वाली “नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन-2026” की तैयारियों एवं सुरक्षा व्यवस्थाओं का निरीक्षण करने पहुंची पुलिस टीम ने सीमांत क्षेत्र के वाइब्रेंट विलेज मलारी में स्थानीय ग्रामीणों के बीच विशेष साइबर जागरूकता अभियान चलाया।

अभियान के दौरान चमोली पुलिस द्वारा ग्रामीणों, युवाओं एवं महिलाओं को वर्तमान समय में तेजी से बढ़ रहे साइबर अपराधों के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। पुलिस अधिकारियों ने लोगों को विशेष रूप से “डिजिटल अरेस्ट” जैसे नए साइबर फ्रॉड से सतर्क रहने की सलाह दी, जिसमें साइबर ठग स्वयं को पुलिस, सीबीआई, ईडी अथवा अन्य सरकारी एजेंसियों का अधिकारी बताकर लोगों को डराते हैं और वीडियो कॉल अथवा फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से ठगी का प्रयास करते हैं।

इसके अतिरिक्त ग्रामीणों को ऑनलाइन बैंकिंग फ्रॉड, ओटीपी शेयरिंग, फर्जी लिंक, सोशल मीडिया हैकिंग, क्यूआर कोड स्कैम, फर्जी लॉटरी, निवेश के नाम पर ठगी एवं साइबर अपराधियों द्वारा अपनाए जा रहे नए-नए तरीकों के बारे में भी जागरूक किया गया।

पुलिस टीम द्वारा लोगों को बताया गया कि किसी भी अनजान कॉल, लिंक अथवा वीडियो कॉल पर भरोसा न करें तथा अपनी बैंकिंग एवं व्यक्तिगत जानकारी किसी से साझा न करें। साथ ही किसी भी प्रकार की साइबर ठगी होने पर तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 अथवा नजदीकी पुलिस स्टेशन में सूचना देने की अपील की गई।

दुर्गम सीमांत क्षेत्र में पहुंचकर पुलिस द्वारा चलाए गए इस जागरूकता अभियान को स्थानीय लोगों ने काफी सराहा। ग्रामीणों ने कहा कि वर्तमान समय में इस प्रकार की जानकारी गांव-गांव तक पहुंचना बेहद आवश्यक है, जिससे लोग साइबर ठगों के जाल में फंसने से बच सकें।

चमोली पुलिस द्वारा सीमांत क्षेत्रों में सुरक्षा एवं जनजागरूकता को लेकर लगातार प्रभावी कार्यवाही की जा रही है, ताकि आमजन सुरक्षित रहें और साइबर अपराधियों के मंसूबों को विफल किया जा सके।

error: Content is protected !!