चमोली। जनपद चमोली के जिलाधिकारी गौरव कुमार ने हाल ही में दुर्मिताल एवं ऐतिहासिक ब्रिटिशकालीन बंगले का निरीक्षण कर क्षेत्र की पर्यटन संभावनाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता, ऐतिहासिक धरोहरों और पर्यटन विकास की संभावनाओं की सराहना करते हुए कहा कि यह क्षेत्र भविष्य में पर्यटन के क्षेत्र में महत्वपूर्ण पहचान बना सकता है।
जिलाधिकारी गौरव कुमार ने कहा कि दुर्मी ताल और आसपास का क्षेत्र पर्यटन की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। यदि यहां आवश्यक सुविधाओं का विकास किया जाए तो यह स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर सृजित कर सकता है। उन्होंने संबंधित विभागों को पर्यटन विकास की संभावनाओं पर गंभीरता से कार्य करने के निर्देश भी दिए।
स्थानीय लोगों ने बताया कि पूर्व में दुरमी ताल में नौका विहार (बोटिंग) भी संचालित होती थी और यह क्षेत्र पर्यटकों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र था। क्षेत्रवासियों का मानना है कि योजनाबद्ध विकास और संरक्षण के माध्यम से इस पर्यटन स्थल को पुनः उसकी पुरानी पहचान दिलाई जा सकती है।
दुर्मी घाटी के जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता एवं स्थानीय नागरिक भी इस मुद्दे पर राजनीति से ऊपर उठकर एकजुट हो गए हैं। सभी ने क्षेत्र के विकास, पर्यटन संवर्धन और ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण के लिए मिलकर कार्य करने का संकल्प लिया है। जनप्रतिनिधियों का कहना है कि क्षेत्रहित सर्वोपरि है और दुरमी ताल के विकास के लिए सामूहिक प्रयास किए जाएंगे।
क्षेत्रवासियों को उम्मीद है कि जिलाधिकारी गौरव कुमार के सकारात्मक रुख और जनप्रतिनिधियों की एकजुटता से दुरमी ताल एवं ऐतिहासिक ब्रिटिशकालीन बंगला आने वाले समय में चमोली के प्रमुख पर्यटन स्थलों में अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित करेंगे तथा स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई मजबूती प्रदान करेंगे।
