पोखरी (चमोली)। तहसील पोखरी के ग्राम कलसीर निवासी श्री गजेंद्र सिंह, पुत्र श्री बलवीर सिंह, ने अपने परिश्रम, अनुशासन और सेवा-भाव से देश और समाज दोनों के लिए एक अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया है। श्री गजेंद्र सिंह ने वर्ष 2012 से 2017 तक भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल (ITBP) में अपनी सेवाएँ दीं। इस दौरान उनकी प्रथम नियुक्ति नई दिल्ली में हुई, उसके बाद उन्होंने लखनऊ (उत्तर प्रदेश) में सेवा दी और अंत में औली (चमोली) में तैनात रहकर देश की सीमाओं की रक्षा की। देश-सेवा के बाद उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में योगदान देने का निर्णय लिया और उत्तराखंड विद्यालयी परिषद रामनगर द्वारा आयोजित D.El.Ed प्रवेश परीक्षा उत्तीर्ण कर वर्ष 2018–19 में गौचर (चमोली) से द्विवर्षीय D.El.Ed. प्रशिक्षण प्राप्त किया। इसके उपरांत वर्ष 2021 में उनकी प्रथम नियुक्ति राजकीय प्राथमिक विद्यालय कणसिली (रुद्रप्रयाग) में हुई। इसके बाद उन्होंने प्राथमिक विद्यालय गैर तथा अंत में प्राथमिक विद्यालय देवीसैंण में अपनी सेवाएँ दीं। इस प्रकार उन्होंने जनपद रुद्रप्रयाग में 3 वर्ष 10 माह तक निष्ठापूर्वक बच्चों को प्राथमिक शिक्षा प्रदान की। उनकी मेहनत और लगन का परिणाम वर्ष 2024 उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा आयोजित LT भर्ती परीक्षा में देखने को मिला, जहाँ उन्होंने सामान्य विषय से प्रदेश स्तर पर 29वीं रैंक प्राप्त कर एक बड़ी उपलब्धि हासिल की। वर्तमान में उनकी नियुक्ति राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, श्रीगढ़ (चमोली) में हुई है। शिक्षा के क्षेत्र में यह परिवार भी अनुकरणीय है। उनकी धर्मपत्नी श्रीमती अनीता राणा भी राजकीय प्राथमिक विद्यालय जखमाला में सहायक अध्यापक के पद पर कार्यरत हैं और बच्चों के भविष्य निर्माण में योगदान दे रही हैं। श्री गजेंद्र सिंह की यह यात्रा
सीमा की सुरक्षा से लेकर बच्चों के भविष्य को संवारने तक ,
आज के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है। ग्राम कलसीर सहित सम्पूर्ण क्षेत्र उनके इस गौरवपूर्ण सफर पर गर्व करता है।

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