चमोली। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान चमोली (गौचर) में प्रवक्ता के पद पर कार्यरत वरिष्ठ शिक्षाविद् एवं समाजशास्त्र प्रवक्ता प्रदीप चंद्र नौटियाल के अधिवर्षिता आयु पूर्ण कर सेवानिवृत्त होने पर संस्थान परिवार द्वारा भावभीनी विदाई दी गई। इस अवसर पर संस्थान सभागार में एक गरिमामय एवं भावनात्मक समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें संस्थान के अधिकारियों, संकाय सदस्यों, कर्मचारियों, प्रशिक्षुओं तथा उनके परिजनों ने सहभागिता कर उनके दीर्घ एवं प्रेरणादायी शैक्षिक योगदान को स्मरण किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ स्वागत उद्बोधन के साथ हुआ। समारोह में वक्ताओं ने श्री नौटियाल के लगभग 36 वर्षों के समर्पित शैक्षिक जीवन को याद करते हुए उनके अनुशासन, कार्यनिष्ठा एवं विद्यार्थियों के प्रति समर्पण की भूरि-भूरि प्रशंसा की।
अपने सेवाकाल की जानकारी देते हुए बताया गया कि प्रदीप चंद्र नौटियाल ने 1 दिसंबर 1989 को जनता हाईस्कूल जयपुर कोलसों में सहायक अध्यापक गणित के पद से अपनी सेवाएं प्रारंभ की थी। इसके उपरांत 27 जनवरी 2001 को जनता इंटर कॉलेज जयपुर कोलसों में प्रवक्ता समाजशास्त्र के पद पर पदोन्नत हुए। उन्होंने 19 दिसंबर 2008 से जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान गौचर में अपनी सेवाएं प्रदान की और सेवानिवृत्ति तक संस्थान में विभिन्न शैक्षिक एवं प्रशिक्षण गतिविधियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
समारोह को संबोधित करते हुए जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान के प्राचार्य एवं प्रभारी मुख्य शिक्षा अधिकारी आकाश सारस्वत ने कहा कि किसी भी कर्मचारी की सेवानिवृत्ति की तिथि उसी दिन तय हो जाती है, जिस दिन वह विभाग में प्रवेश करता है, किंतु महत्वपूर्ण यह होता है कि अपने सेवाकाल के दौरान उसने समाज, विद्यार्थियों और शिक्षा व्यवस्था के लिए क्या योगदान दिया। उन्होंने कहा कि एक शिक्षक कभी वास्तव में सेवानिवृत्त नहीं होता, बल्कि वह अपने अनुभव, ज्ञान और कार्यों के माध्यम से जीवनपर्यंत समाज को दिशा देता रहता है। उन्होंने श्री नौटियाल के सेवाकाल को प्रेरणादायी बताते हुए उनके स्वस्थ एवं सक्रिय जीवन की कामना की।
अपने भावुक उद्बोधन में प्रदीप चंद्र नौटियाल ने कहा कि 36 वर्षों की सरकारी सेवा के दौरान उन्हें शिक्षा जगत के अनेक महत्वपूर्ण अनुभव प्राप्त हुए। उन्होंने सदैव विद्यार्थियों के हितों को सर्वोपरि रखते हुए कार्य किया और यही उनके सेवाकाल की सबसे बड़ी उपलब्धि रही। उन्होंने संस्थान परिवार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सेवानिवृत्ति केवल सरकारी सेवा से होती है, शिक्षा और समाज सेवा से नहीं, और वे आगे भी शिक्षा के क्षेत्र में अपनी भूमिका निभाते रहेंगे।
इस अवसर पर उपस्थित वक्ताओं ने उनके सौम्य व्यवहार, शैक्षिक नेतृत्व, प्रशासनिक दक्षता तथा प्रशिक्षुओं के मार्गदर्शन में निभाई गई भूमिका की सराहना करते हुए उन्हें एक आदर्श शिक्षक बताया। सभी ने उनके स्वस्थ, सुखमय एवं दीर्घायु जीवन की कामना की।
सेवानिवृत्ति समारोह में जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी राजेश सती, वरिष्ठ संकाय सदस्य वीरेंद्र सिंह कठैत, रविंद्र सिंह बर्त्वाल, भगत सिंह कंडवाल, बचन जितेला, सुबोध कुमार डिमरी, डॉ. गजपाल राज, नीतू सूद, योगेंद्र सिंह बर्त्वाल, मृणाल जोशी, सुमन भट्ट, मुकेश सिंह राणा, श्रेया कंडारी, ममता रावत, श्रीमती दीपिका, मयंक काला सहित अनेक संकाय सदस्य एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में सेवानिवृत्त हो रहे शिक्षक प्रदीप चंद्र नौटियाल के पुत्र डॉ. मयंक नौटियाल, अनुज शशिकांत नौटियाल, भानु प्रकाश मैठाणी तथा डीएलएड प्रथम एवं तृतीय सेमेस्टर के सभी प्रशिक्षुओं ने भी सहभागिता की।
कार्यक्रम का संचालन संकाय सदस्य डॉ. कमलेश कुमार मिश्र द्वारा किया गया।
संस्थान परिवार द्वारा श्री नौटियाल को स्मृति चिन्ह एवं सम्मान स्वरूप उपहार भेंट कर भावभीनी विदाई दी गई।
