चमोली। हवाई एवं स्थलीय निरीक्षण कर प्रभावित क्षेत्रों का लिया जायजा, विशेषज्ञ संस्थान करेगा फ्लैश फ्लड के वास्तविक कारणों का वैज्ञानिक अध्ययन।
जिलाधिकारी गौरव कुमार ने बुधवार को तमक नाले का स्थलीय निरीक्षण कर वैली ब्रिज सहित क्षेत्र में चल रहे राहत एवं बचाव कार्यों का जायजा लिया। इससे पूर्व जिलाधिकारी ने तमक नाले के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्र का हवाई सर्वेक्षण कर फ्लैश फ्लड से प्रभावित क्षेत्र एवं परिस्थितियों का अवलोकन किया। उन्होंने अधिकारियों को भविष्य में ऐसी घटनाओं से होने वाले नुकसान को कम करने के लिए आवश्यक सुधारात्मक एवं निवारक उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने बताया कि फ्लैश फ्लड के वास्तविक कारणों का वैज्ञानिक अध्ययन करने के लिए आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा विशेषज्ञ संस्थान को सूचित कर दिया गया है, ताकि घटना के कारणों का पता लगाकर भविष्य के लिए प्रभावी सुरक्षा एवं बचाव उपाय सुनिश्चित किए जा सकें।
जिलाधिकारी ने बताया कि ज्योतिर्मठ-मलारी मोटर मार्ग पर तमक नाले में 123 बीआरटीएफ, सुराईथोटा द्वारा निर्मित बेली ब्रिज अत्यधिक जलप्रवाह के कारण पूरी तरह बह गया है। अचानक बढ़े पानी के तेज बहाव की चपेट में आने से एक व्यक्ति एवं एक वाहन (कैंपर) के बहने की सूचना है। सूचना मिलते ही भारतीय सेना, एनडीआरएफ एवं एसडीआरएफ की टीमें राहत एवं बचाव कार्यों में जुटी हैं। स्थानीय प्रशासन, पुलिस एवं संबंधित विभागों द्वारा भी लगातार आवश्यक कार्रवाई की जा रही है तथा घटनास्थल की स्थिति पर निरंतर निगरानी रखी जा रही है।
जिलाधिकारी ने प्रभावित ग्रामीणों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने उपजिलाधिकारी ज्योतिर्मठ को प्रभावित क्षेत्र में खेतों, फसलों एवं पंचायत भवन सहित अन्य परिसंपत्तियों को हुए नुकसान का तत्काल सर्वेक्षण कराने तथा नियमानुसार प्रभावित लोगों को अधिकतम संभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
उन्होंने जिला खनन अधिकारी को आवश्यकतानुसार तमक नाले एवं नदी क्षेत्र में रिवर ड्रेजिंग कराने के निर्देश भी दिए, ताकि जलप्रवाह के मार्ग को व्यवस्थित किया जा सके और भविष्य में जलभराव एवं तेज बहाव से उत्पन्न जोखिम को कम किया जा सके।
जिलाधिकारी ने भारतीय सेना, एनडीआरएफ एवं एसडीआरएफ द्वारा लापता व्यक्ति की तलाश तथा संचालित राहत एवं बचाव अभियान की भी जानकारी ली और अभियान को पूरी सतर्कता एवं समन्वय के साथ संचालित करने के निर्देश दिए।
इस दौरान पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार, उपजिलाधिकारी चंद्रशेखर वशिष्ठ, कर्नल शांतनु, लेफ्टिनेंट कर्नल विवेक, मेजर विकास, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंद किशोर जोशी, बीआरओ, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ के अधिकारी-कर्मचारी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं स्थानीय ग्रामीण मौजूद रहे।
