मेहलचोरी (गैरसैंण)। विकासखंड गैरसैंण के मेहलचौरी बाजार के नजदीकी सीमावर्ती गांव पुरानालोहवा में सप्ताह भर के भीतर एक और गुलदार पिंजरे में कैद कर लिया गया है । वहीं इस दौरान विभिन्न गांवों में गुलदारों की सक्रियता ग्रामीणों के लिए चिंता का सबक बनी हुई है। ताजे घटनाक्रम में मेहलचोरी बाजार से 3 किलोमीटर की पैदल दूरी पर जनपद अल्मोड़ा के पुरानालोहवा गांव में हफ्तेभर के भीतर एक ओर गुलदार वन विभाग के पिंजरे में कैद कर लिया गया है। जिससे एक तरफ तो ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है ,वहीं नजदीकी गांवों में गुलदारों के सक्रिय होने की सूचना मिलने से ग्रामीणों की चिंताए भी अभी बरकरार हैं।
विकासखंड गैरसैंण के कोठा व ऊजिटिया गांव में दो पिंजरे लगाए गए हैं ,लेकिन अभी तक गुलदार पिंजरे की कैद तक नहीं पहुंच पाया है। गोवंश को लगातार निवाला बन रहे गुलदारों के खुले में घूमने से ग्रामीण डर के साए में जीने को मजबूर हैं।जानकारी के अनुसार पुरानालोहवा गांव में ग्रामीण जय सिंह नेगी दिन में गुलदार के पंजों के निशान देखने के बाद संभावित जगहों पर वन विभाग से पिंजरा लगवा रहे थे,जिसके बाद सप्ताह भर के भीतर दो गुलदार पिंजरे में कैद हो गए। गुलदारों की सक्रियता को लेकर ग्रामीण अंदाजा लगा रहे हैं ,कि क्षेत्र में दर्जन भर से ज्यादा गुलदार सक्रिय हैं ,जो आने वाले समय में गोवंश के साथ ही मनुष्य के लिए भी खतरनाक हो सकते हैं।
वन विभाग के लोहवा रेंज गैरसैंण के वन क्षेत्राधिकार प्रदीप गौड़ ने बताया कि गोवंश को मारे जाने एंव ग्रामीणों की सूचना के आधार पर ऊजिटिया व कोठा में पिछले दस दिनों से पिंजरे लगाए गए हैं ।वहीं अलग-अलग गांवों में गुलदार की सक्रियता की सूचना के बाद गुलदार के निशान ढूंढने के प्रयास किया जा रहे हैं ,ताकि गुलदार के अति सक्रिय क्षेत्र में पिंजरा लगाया जा सके।
