चमोली। आगामी चारधाम यात्रा 2026 को पूर्णतः सफल, सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से चमोली जिला प्रशासन ‘मिशन मोड’ में है। आज जिलाधिकारी चमोली गौरव कुमार और पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पँवार ने पूरी टीम के साथ ‘ग्राउंड जीरो’ पर उतरकर मोर्चा संभाला। जनपद की सीमा कमेडा से लेकर श्री बद्रीनाथ धाम तक स्थलवार संयुक्त सर्वेक्षण कर व्यवस्थाओं को जमीनी स्तर पर परखा गया। निरीक्षण की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि डीएम और एसपी ने अपने सरकारी वाहनों को छोड़कर परिवहन, पुलिस, PWD, NH, NHAI और BRO सहित सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ एक ही बस में सवार होकर सफर किया। इस अनूठी पहल का उद्देश्य ‘इंट्रा-डिपार्टमेंट को-ऑर्डिनेशन’ को मजबूत करना और फाइलों की जगह मौके पर ही सामूहिक चर्चा कर त्वरित निर्णय लेना रहा।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि वे कार्यालयों में बैठकर वक्त न गंवाएं जो मुद्दे आपसी बातचीत से सुलझ सकते हैं, उन पर तत्काल निर्णय लेकर काम शुरू किया जाए। चूंकि सड़क मार्ग ही यात्रा का मुख्य आधार है, इसलिए ब्लैक स्पॉट सुधार, मलबा हटाने और सुरक्षित परिवहन उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है।

प्रशासनिक अमले ने बद्रीनाथ हाईवे के चप्पे-चप्पे को परखा। निरीक्षण के दौरान कमेड़ा, चटवापीपल, उमट्टा, पार्थाडीप (नन्दप्रयाग), क्षेत्रपाल, बिरही, भनेरपानी, पागलनाला, पातालगंगा, गुलाबकोटी, मारवाडी, लामबगड़, बेनाकुली, कंचननाला स्लाइडिंग/सिकिंग जोन का बारीकी से अवलोकन किया गया। चटवापीपल के पास नवनिर्मित पुल को बारीकी से देखकर गुणवत्ता एवं सुरक्षा मानकों की भी समीक्षा की गई। दुर्घटना संभावित ब्लैक स्पॉट चिन्हित कर आवश्यक सुधार, सुरक्षा पैरामीटर, साइन बोर्ड, क्रैश बैरियर, जल निकासी व्यवस्था एवं पिछली बरसात में सड़कों पर जमा मलबा हटाने के लिए रोड एजेंसियों को डेडलाइन दी गई।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने एनएचआईडीसीएल के अधिकारियों को यात्रा मार्ग के खतरनाक स्थानों पर फ्ल्ड लाइट लगवाने भूस्खलन क्षेत्रों से पूर्व साइन बोर्ड स्थापित करने और हाईवे पर सुरक्षा को लेकर सभी इंतजाम पूर्ण करने के निर्देश दिए। स्थलीय निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने हाईवे संचालित निर्माण कार्यों का जायजा लेते हुए अधिग्रहित भूमि पर अतिक्रमण की स्थिति की जानकारी लेते हुए आवश्यक कार्रवाई करने की बात कही। साथ ही उन्होंने अधिकारियों को हाईवे पर पड़े मलवे का भी शीघ्र निस्तारण करने के निर्देश दिए। उन्होंने हाईवे के संवेदनशील क्षेत्रों का चिन्हीकरण कर शीघ्र सुधारीकरण और सुरक्षा कार्य करवाने के भी आदेश दिए।

सड़क के साथ-साथ मानवीय सुविधाओं पर भी जोर दिया गया। गौचर नगर में शौचालय, पेयजल, रजिस्ट्रेशन काउंटर और पार्किंग व्यवस्था को परखा गया। कर्णप्रयाग में खाद्यान्न भंडार का निरीक्षण कर यात्रा के दौरान राशन की निर्बाध आपूर्ति के निर्देश दिए गए।

निरीक्षण के अंतिम चरण में जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने श्री बद्रीनाथ धाम और भारत के प्रथम गांव माणा पहुँचकर वहां तीर्थयात्रियों के लिए की जा रही विभिन्न व्यवस्थाओं का गहन जायजा लिया। संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि यात्रा शुरू होने से पूर्व धाम और माणा में सभी निर्माण व सौंदर्यीकरण के कार्य अनिवार्य रूप से पूर्ण कर लिए जाएं, ताकि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पँवार ने कहा कि चमोली पुलिस सुगम यात्रा और चाक-चौबंद कानून व्यवस्था के लिए हर पल तैयार है। उन्होंने संवेदनशील स्थलों पर विशेष पुलिस तैनाती और ट्रैफिक मैनेजमेंट का रोड मैप साझा करते हुए दोहराया कि “सड़क सुरक्षा ही हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।”

इस मौके पर उप जिलाधिकारी कर्णप्रयाग सोहन सिंह रांगड, उपजिलाधिकारी चमोली राजकुमार पाण्डे, उपजिलाधिकारी ज्योतिर्मठ चंद्र शेखर वशिष्ठ, पुलिस उपाधीक्षक कर्णप्रयाग मदन बिष्ट, मुख्य चिकित्साधिकारी डा. अभिषेक गुप्ता, परियोजना प्रबंधक एनएचआईडीसीएल अंकित राणा, जिला पर्यटन अधिकारी अरविंद गौड़, आपदा प्रबंधन अधिकारी एनके जोशी, जिला पूर्ति अधिकारी अंकित पांडेय एनएचआई,बीआर ओ के अधिकारी, सहित सभी विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।

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