चमोली । श्री देवी लाल पुत्र स्व. श्री राजू लाल निवासी ग्राम रसोड़ा, द्वारा थाना पोखरी को दूरभाष के माध्यम से सूचना दी गई कि दिनांक 15.03.2026 को उनकी पोती का अन्नप्राशन समारोह आयोजित किया गया था। कार्यक्रम में उनकी पुत्रवधू द्वारा अपने जेवर पहने गए थे। भोज कार्यक्रम के उपरांत सुनीता ने अपना गले का हार व मंगलसूत्र उतारकर अलमारी में रख दिया और अलमारी बंद कर दी।

कार्यक्रम समाप्त होने के बाद जब अलमारी खोली गई तो गले का हार वहां से गायब पाया गया। परिजनों द्वारा गांव में जानकारी की गई, किन्तु हार का कोई पता नहीं चल पाया।

सूचना मिलते ही पोखरी पुलिस हरकत में आई और शिकायतकर्ता को तत्काल थाना पोखरी बुलाया गया। प्रभारी उ0नि0 रूकम सिंह नेगी के नेतृत्व में का0 ललित मोहन व का0 जसपाल राणा की पुलिस टीम ने सबसे पहले पोखरी क्षेत्र के सभी सुनारों की दुकानों के सीसीटीवी कैमरों का बारीकी से निरीक्षण किया, लेकिन रसोड़ा गांव से संबंधित कोई व्यक्ति वहां नहीं पाया गया।

इसके बाद पुलिस टीम सीधे गांव रसोड़ा पहुंची और अन्नप्राशन समारोह में शामिल महिलाओं, पुरुषों, बुजुर्गों और बच्चों से एक-एक कर गहन पूछताछ की। पूछताछ के दौरान कुछ व्यक्तियों के हाव-भाव, बोलने के तरीके और गतिविधियों के आधार पर संदेह के दायरे में चिन्हित कर उन्हें सख्त चेतावनी देते हुए रात्रि तक का अल्टीमेटम दिया गया। साथ ही पुलिस टीम द्वारा रात में भी संभावित स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया गया।

पोखरी पुलिस की सख्ती और सक्रियता का असर यह रहा कि अगले ही दिन दिनांक 21.03.2026 को सुबह लगभग 06:00 बजे शिकायतकर्ता देवी लाल द्वारा सूचना दी गई कि खोया हुआ हार किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा उनके आंगन में फेंक दिया गया है, जो उन्हें वापस मिल गया।

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