चमोली (गोपेश्वर)। राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय गोपेश्वर की एनएसएस इकाई का सात दिवसीय विशेष शिविर के पंचम दिवस पर स्वयं सेवियों ने जड़ी-बूटी शोध संस्थान, मण्डल का शैक्षणिक भ्रमण किया। संस्थान के प्रभारी निदेशक वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ सीपी कुनियाल ने कहा कि जड़ी बूटी उत्पादन से स्वरोजगार के क्षेत्र में नए अवसर खुल रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि युवाओं को औषधीय पौधों, पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों एवं जैव-विविधता के संरक्षण के प्रति जागरूक होना चाहिए।।
संस्थान के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ अरविन्द भंडारी ने औषधीय पौधों की महत्ता उनके वैज्ञानिक अध्ययन एवं व्यावसायिक उपयोग के बारे में जानकारी दी। शिविर के द्वितीय बौद्धिक सत्र में समाज कल्याण एवं स्वास्थ्य विभाग विभाग द्वारा छात्र छात्राओं को धूम्रपान व तम्बाकू निषेध में बारे जानकारी की गई । अपराह्न के सत्र में प्रजापिता ईश्वरीय विश्वविद्यालय गोपेश्वर की वरिष्ठ राज योग प्रशिक्षक बीके किरन ने अध्यात्म से तनाव प्रबंधन और सकारात्मक सोच पर एक विशेष व्याख्यान दिया।
शिविर के सायंकालीन सत्र में सुप्रसिद्ध सामाजिक उद्यमी राकेश गैरोला ने स्वयं सेवियों को पर्यावरण से जोड़ते हुए एक सफल उद्यमी बनने की प्रेरणा दी। कार्यक्रम के अंत में राष्ट्रीय सेवा योजना के जिला समन्वयक जगदीश टम्टा ने स्वयं सेवियों को अपने आशीर्वचन द्वारा प्रेरित किया।
इस अवसर पर वरिष्ठ कार्यक्रम अधिकारी डॉ रचना टम्टा, कार्यक्रम अधिकारी डॉ डीएस नेगी, डॉ प्रेमलता, सौम्या गैरोला, सत्यम गैरोला, ललित किमोठी, मनवर सिंह नेगी आदि उपस्थित रहे।