चमोली। पुलिस कार्यालय में पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पँवार ने नवनियुक्त उपनिरीक्षकों (नागरिक पुलिस/अभिसूचना/अग्निशमन) से आत्मीय संवाद स्थापित किया। इस अवसर पर उन्होंने सभी नवप्रवेशी उपनिरीक्षकों से व्यक्तिगत रूप से परिचय प्राप्त किया और उन्हें पुलिस परिवार में हार्दिक स्वागत करते हुए शुभकामनाएं दीं।

एसपी चमोली ने कहा कि वर्दी के साथ केवल अधिकार नहीं, बल्कि जनता की उम्मीदें, विश्वास और सुरक्षा की जिम्मेदारी भी जुड़ जाती है। उन्होंने सरल किंतु प्रभावशाली शब्दों में कहा कि अब तक दी गई परीक्षाएं महज़ एक शुरुआत थीं, जबकि वर्दी पहनने के बाद शुरू होने वाली जिम्मेदारियां ही असली परीक्षा होती हैं।

उन्होंने कहा कि अब इन अधिकारियों के कंधों पर प्रदेश की कानून व्यवस्था, आंतरिक सुरक्षा, आपदा प्रबंधन एवं अग्निशमन जैसे संवेदनशील और जीवनरक्षक दायित्व हैं, जिनका निर्वहन ईमानदारी, संयम और मानवीय संवेदनशीलता के साथ करना होगा।

एसपी चमोली ने स्पष्ट किया कि पुलिस की नौकरी कोई साधारण नौकरी नहीं, बल्कि मित्रता, सेवा और सुरक्षा के मूल मंत्र पर आधारित एक पवित्र दायित्व है। संकट की हर घड़ी में समाज सबसे पहले वर्दी की ओर देखता है—चाहे वह कानून व्यवस्था की चुनौती हो, कोई आपदा हो या आग जैसी जानलेवा स्थिति।

उन्होंने भावपूर्ण शब्दों में कहा, “आपका व्यवहार, आपका निर्णय और आपका साहस ही तय करेगा कि जनता इस वर्दी पर कितना भरोसा करती है। जनता से मित्रवत व्यवहार, सेवा भाव और निष्पक्ष कार्रवाई ही पुलिस की असली पहचान है। साथ ही जनता के प्रति संवेदनशील रहें, कानून के प्रति निष्पक्ष रहें और मित्रता-सेवा-सुरक्षा के ध्येय को आत्मसात करते हुए अपने कर्तव्यों का निर्वहन करें। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सभी अधिकारी अपने कार्य, आचरण और नेतृत्व से विभाग की गरिमा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएंगे।”

इस दौरान पुलिस उपाधीक्षक चमोली मदन सिंह बिष्ट, प्रतिसार निरीक्षक आनन्द सिंह रावत मौजूद रहे।

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