चमोली(गोपेश्वर)। चमोली के डीएम संदीप तिवारी के द्वारा बीते रोज आबकारी कार्यालय में औचक निरीक्षण किया गया था।निरक्षण के दौरान डीएम ने ज़िला आबकारी अधिकारी कार्यालय को ख़ाली पाया,न तो दफ्तर में ज़िला आबकारी अधिकारी मिलें और न ही अन्य स्टाफ..मिलें तो पीआरडी जवान किशन। डीएम और एडीएम ने जब पीआरडी जवान किशन से ऑफिस खाली रहेने की वजह पूछी तो किशन ने बताया कि सभी अधिकारियों की तबियत खराब हो गई हैं और वह मेडिकल अवकाश पर चलें गयें हैं।

ज़िलाधिकारी संदीप तिवारी ने पीआरडी जवान के द्वारा कहीं गई बात के बाद ड्यूटी रजिस्टर चैक किया,जिसमे सुबह तक ज़िला आबकारी अधिकारी और अन्य अधिकारियों की उपस्थिति दर्ज थी,लेकिन दोपहर के बाद सारा स्टाफ़ कार्यालय ख़ाली कर मेडिकल की अर्ज़ी देकर चैकअप के लिए छुट्टी निकल गया।जिसके बाद डीएम ने बगैर जानकारी के जिला छोड़ने पर ज़िला आबकारी अधिकारी दुर्गेश्वर त्रिपाठी सहित अन्य दो कर्मचारियों की सर्विस ब्रेक करते हुए तीनो की वेतन रोक दी हैं।

उधर ज़िला आबकारी अधिकारी दुर्गेश्वर त्रिपाठी ने मुख्य सचिव को पत्र लिखकर डीएम के ऊपर गाली गलौच और अभद्रता करने का आरोप लगाया हैं।दुर्गेश्वर त्रिपाठी के समर्थन में आबकारी विभाग संगठन ने हड़ताल की चेतावनी भी दी हैं।

जैसे ही आबकारी संगठन के द्वारा हड़ताल किए जाने की बात सामने आई वैसे ही चमोली के डीएम संदीप तिवारी के समर्थन में लोग कूद गए हैं।सोसल मीडिया पर चारों तरफ़ लोग डीएम की कार्यवाही को जायज़ ठहराने के साथ ही खुलकर डीएम के समर्थन में आ चुके हैं।ज़िले के कई लोगो का कहना हैं कि पहली बार किसी आईएएस अधिकारी के प्रति जनता की ऐसी दीवानगी देखने को मिली हैं।इस बात को देखके ऐसा लगता हैं कि डीएम संदीप तिवारी कम समय में ही जनता के बीच अपना भरोसा करने में क़ायम रहे हैं।चमोली में चाहें पक्ष हो या विपक्ष सभी लोग इस मामलें में डीएम संदीप तिवारी के साथ खड़े नजर आ रहें हैं। डीएम संदीप तिवारी के पक्ष में लोगो की सोशल मीडिया पर तरह तरह की प्रतिक्रियाए आ रही हैं,जबकि आबकारी विभाग को लोग आड़े हाथों ले रहें हैं।लोगो का कहना हैं कि अगर आबकारी विभाग के अधिकारी हड़ताल पर जाते हैं तो डीएम के पक्ष में जनता हड़ताल पर जाएगी।

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