चमोली। जनपद में गोपेश्वर व ज्योतिर्मठ में फॉरेस्ट फायर मॉक ड्रिल आयोजित की गयी। जिसमें पुलिस, फायर सर्विस, SDRF, वन विभाग, स्वास्थ्य विभाग, आईटीबीपी और जिला प्रशासन की टीमें एक साथ उतरीं।

मॉक ड्रिल उद्देश्य- आगामी वनाग्नि सीजन में देवदार-बुरांश के बेशकीमती जंगलों को आग की लपटों से बचाना और रिस्पांस टाइम को परखना।

गोपेश्वर में कुंड कॉलोनी के पीछे के जंगल, रौली ग्वाड क्षेत्र, अप्पर बाजार चमोली के समीप वन क्षेत्रों और ज्योतिर्मठ में नंदा देवी राष्ट्रीय उद्यान स्थित जोगीधारा वन क्षेत्र में आग लगने की सूचना पर पहुँची टीमें।

SDRF और फायर सर्विस ने वन विभाग के साथ मिलकर फायर लाइन बनाई, आधुनिक तकनीक से आग को फैलने से रोका। स्वास्थ्य विभाग की एम्बुलेंस और पुलिस रेस्क्यू टीम ने “घायलों” को तुरंत प्राथमिक उपचार देकर सुरक्षित जगह पहुंचाया।

यह ड्रिल सिर्फ अभ्यास नहीं – विभागों के बीच समन्वय, सूचना मिलने पर रिस्पॉन्स टाइम, और उपकरणों की क्षमता की असली जांच थी। पहाड़ों में वनाग्नि न सिर्फ पर्यावरण को नुकसान पहुंचाती है, बल्कि जान-माल का भी बड़ा खतरा बन जाती है।

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