चमोली। आज जहां आधुनिक जीवनशैली के बीच पर्यावरण संरक्षण एक बड़ी चुनौती बनता जा रहा है, वहीं चमोली जनपद के युवा समाजसेवी शिव सिंह फ़र्स्वाण ने अपने विवाह समारोह को प्रकृति संरक्षण से जोड़कर समाज के सामने एक नई मिसाल पेश की है। विवाह के बाद शिव सिंह फ़र्स्वाण ने अपनी धर्मपत्नी के साथ ससुराल पहुंचकर फलदार पौधों का रोपण किया और पर्यावरण बचाने का संदेश दिया।
इस विशेष पहल के माध्यम से उन्होंने लोगों को यह संदेश देने का प्रयास किया कि विवाह जैसे शुभ अवसर केवल उत्सव तक सीमित न रहकर समाज और प्रकृति के हित में भी उपयोगी बन सकते हैं। पौधरोपण के दौरान उन्होंने कहा कि जिस प्रकार एक बेटी अपने परिवार के लिए खुशियां और नया भविष्य लेकर आती है, उसी प्रकार एक पौधा भी आने वाले समय में जीवन, छाया, स्वच्छ हवा और फल प्रदान करता है। इसलिए बेटी और पेड़ दोनों का संरक्षण समान रूप से आवश्यक है।
शिव सिंह फ़र्स्वाण कई वर्षों से चमोली जनपद में पर्यावरण संरक्षण और जलवायु परिवर्तन के विषय पर लगातार कार्य कर रहे हैं। वे विद्यालयों में जाकर छात्र-छात्राओं को पर्यावरण के प्रति जागरूक करते हैं तथा पौधरोपण, स्वच्छता और प्रकृति संरक्षण के लिए प्रेरित करते हैं। इसके अलावा वे सोशल मीडिया, समाचार पत्रों और विभिन्न जनजागरूकता अभियानों के माध्यम से भी लोगों को पर्यावरण बचाने का संदेश देते रहे हैं।
उन्होंने कहा कि आज बढ़ता प्रदूषण, घटते जंगल और बदलता जलवायु संतुलन मानव जीवन के लिए गंभीर खतरा बन चुके हैं। ऐसे समय में हर व्यक्ति को अपने जीवन के विशेष अवसरों — जैसे विवाह, जन्मदिन या अन्य पारिवारिक आयोजनों — पर पौधरोपण करने की पहल करनी चाहिए।
उन्होंने समाज से अपील करते हुए कहा—
“यदि प्रत्येक परिवार एक पौधा लगाकर उसकी जिम्मेदारी अपने परिवार के सदस्य की तरह निभाए, तो आने वाले वर्षों में हमारा पर्यावरण अधिक सुरक्षित और हराभरा बन सकता है। प्रकृति संरक्षण केवल सरकार की नहीं, बल्कि हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।”
शिव सिंह फ़र्स्वाण की इस पहल को क्षेत्र में काफी सराहना मिल रही है। लोगों का कहना है कि इस प्रकार के प्रयास समाज को नई सोच देने के साथ-साथ आने वाली पीढ़ियों को भी पर्यावरण संरक्षण के प्रति प्रेरित करेंगे।
